बचपन पूरा मजदूरी में बीता… आज साकीरभाई सूरत के सबसे क्रिएटिव लोगों में गिने जाते हैं। पिछले 18 सालों से वो भंगार से मिनी व्हीकल्स और अनोखी एंटिक चीज़ें बनाकर लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। वो लोगों के ल ...
हर 5 में से 1 फल में होता है Pesticide Residues | Dr Asmita Prabhune ने खोजा समाधान | Sophab ...
पश्चिम बंगाल के एक छोटे से गाँव की सोनाली के पास न कोई बड़ी Dance Academy है, न महंगा कैमरा और न कोई शानदार सेटअप। पिता एक मामूली पेंटर हैं, माँ ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करती हैं। घर में आर्थिक तंगी की वजह ...
दिन में मां के साथ लॉन्ड्री का काम, पढ़ाई के लिए लाइब्रेरी और फिर 15 किलो का Gorilla Costume पहनकर शोज़ में perform करना—इंदौर के 20 साल के पीयूष परमार की जिंदगी में जिम्मेदारियों की कोई कमी नहीं है। ...
अंग्रेज़ों को चकमा देकर जापान कैसे पहुंचे रासबिहारी बोस | Rash Behari Bose Escaped the British ...
गणपति विसर्जन के बाद कचरे में जाने वाली POP की मूर्तियों को रीसायकल कर Malhar और Binish अब उनसे स्टडी टेबल्स और बेंच समेत 12+ तरह के प्रोडक्ट्स बना रहे हैं। अब तक 3,000+ किलो POP से 760 स्टडी टेबल्स ब ...
11 साल पहले एक Phone Camera के सामने खड़े होकर कई किरदार बनाए। और Revolutionaries Show को लीड करते Bhuvan Bam. इस 11 साल के सफर के बीच में सिर्फ सफलता नहीं थी, Struggle, Self-doubt, Loss और बार-बार खु ...
ऐसे शब्दों के साथ बड़ी हुई सोनिया चाहती तो अपने सपने छोड़ सकती थी, एक अकेले कमरे में। छुप कर बैठ सकती थी लेकिन उसने डांस को ...
कभी ₹32 के खाने का हिसाब रखते थे दिव्येंदु, आज हैं Munna Bhaiya | Divyenndu Sharma journey| Mirzapur
₹32 का खाना… और आंखों में करोड़ों के सपने। मुंबई में कभी टिके रहने के लिए संघर्ष कर रहे दिव्येंदु ने धीरे-धीरे अपनी पहचान ...
Some results have been hidden because they may be inaccessible to you
Show inaccessible results